रचनासामान्य

शक्ति उपासना

📅 October 13, 2026 ⏱ 1 मिनट ◉ 11 views 💬 0 comments

जय जय शक्ति प्रदायिनि मां !

जय जय हे, वर दायिनि मां !!

 

‘ऐं’ कारिणी मातु शारदे ,

जग की बुद्धि प्रकाशिनि मां!

सन्मति दे , मति दायिनी मां!

जय जय हे वरदायिनि मां !!

 

‘ह्रीं’ रूपिणी मां कमलासनि,

अतुल संपदा दायिनि मां !

यश दे , हे यश दायिनि मां !

जय जय हे वरदायिनि मां!!

 

‘क्लीं’ कारिणी अम्ब कालिके,

अतुलित शक्ति सुदायिनि मां!

जय दे, विजय प्रदायिनि मां !

जय जय हे वरदायिनि मां !

 

दुर्गतिनाशिनि, जय मां दुर्गे,

कृपा करो,दुख हारिनि मां!

सुख दे, हे सुख दायिनि मां !!

जय जय हे वरदायिनि मां !!

 

जय जय शक्ति प्रदायिनि मां !

जय जय, हे वर दायिनि मां !!

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