रचनासामान्य

गणपति वंदन

📅 October 8, 2026 ⏱ 1 मिनट ◉ 14 views 💬 0 comments

हे गौरी सुत,हे गणनायक!

शंकर सुवन,नमामि विनायक!!

हे प्राणेश्वर,ऋद्धि सिद्धि के,

कुशल,क्षेम,मंगल के दायक!!

               हे गौरी सुत,हे गणनायक !

हे गज आनन, मंगल मूरत,

भक्तजनों के दुःख विनाशक!!

हे मोदक प्रिय, हे लम्बोदर,

कृपा करो, हे बुद्धि प्रदायक!!

               हे गौरी सुत,हे गणनायक !

हे विघ्नेश्वर ,विघ्न विनाशक,

कष्ट हरो जय जय सुखदायक !!

आर्त जनों पर दया करो प्रभु,

मृत्युंजय सुत, मुक्ति प्रदायक!!

               हे गौरी सुत,हे गणनायक !

वक्रतुंड, हे महाकाय प्रभु,

कोटि सूर्य सम, हे गण नायक!

शीश नवाते हम चरणों में,

भक्ति दान दो भक्ति प्रदायक!!

               हे गौरी सुत,हे गणनायक !

               हे गौरी सुत,हे गणनायक!! !

….श्रीकांत त्रिवेदी, ,”प्राञ्जल”लखनऊ

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