रचनासामान्य

जय अंजनि सुत जय हनुमान

📅 October 13, 2026 ⏱ 2 मिनट ◉ 12 views 💬 1 comments

जय अंजनिसुत,जय हनुमान!

पवन पुत्र ,जय जय हनुमान !! 

 

बल है जिनका अपरम्पार,

बुद्धि, ज्ञान के जो आगार,

बल ,बुधि, विद्या करें प्रदान!

     जय अंजनिसुत जय हनुमान!

     पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

अति अद्भुत है जिनकी लीला,

बचपन में सूरज को लीला ,

विवश देव करते गुणगान!

         जय अंजनिसुत जय हनुमान!

         पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

रूष्ट्र इंद्र का वज्र प्रहार,

सहा मात्र ठुड्ढी पर वार,

बने भग्न हनु से हनुमान !     

          जय अंजनिसुत जय हनुमान!

          पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

मित्र बालि का था दशग्रीव,

वन को निष्कासित सुग्रीव,

दिया राम से मिला सुजान !

          जय अंजनिसुत जय हनुमान!

          पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

सागर पार गए बलवीर,

सीता सुधि लाए मतिधीर,

लंका दहन करें हनुमान!

           जय अंजनिसुत जय हनुमान!

           पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

राम लखन का किया हरण,

अहिरावण का किया मरण,

महितल से लाए बलवान!

           जय अंजनिसुत जय हनुमान!

           पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

लंका विजय हुई तब राम,

अवध पुरी आए सुखधाम ,

राम राज्य तब बना महान!

           जय अंजनिसुत जय हनुमान!

           पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

सीता राम गए साकेत,

पवनतनय को किया सचेत ,

रहो धरा पर तुम हनुमान!

           जय अंजनिसुत जय हनुमान!

           पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

तुम भक्तों के भाग्य विधाता,

अष्ट सिद्धि,नव निधि के दाता,

राम भक्ति दो दयानिधान!

           जय अंजनिसुत जय हनुमान!

           पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

 

कृपा करो हे कृपानिधान,

अचल भक्ति का देकर दान,

जीवन धन्य करो हनुमान!

           जय अंजनिसुत जय हनुमान!8

           पवन पुत्र जय जय हनुमान !! 

श्रीकांत त्रिवेदी “प्रांजल”

 

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1 टिप्पणियाँ

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  1. Swadha Ravindra

    आज से पूजा में यह भी पढ़ी जायेगी

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