रचनासामान्य
नारायण स्तुति
नारायण स्तुतिश्रीकांत त्रिवेदी "प्रांजल"
हे नारायण नाथ हमारे।
आन पड़े हम द्वार तुम्हारे।।
तन पर शुभ पीताम्बर साजे ,
सदा लक्ष्मी संग विराजे,
शेष छत्र शैय्या पर छाजे,
हम सब तो हैं दास तुम्हारे॥
…………………हे नारायण नाथ हमारे।
…………………आन पड़े हम द्वार तुम्हारे॥
हे केशव, पुरुषोत्तम, ईश्वर,
पद्मनाभ, माधव, दामोदर,
विष्णु, कृष्ण,अच्युत,परमेश्वर ,
सुखकारी सब नाम तुम्हारे ।
…………………हे नारायण नाथ हमारे।
…………………आन पड़े हम द्वार तुम्हारे॥
जीवन में संकट बहुतेरे,
कष्ट हरो नारायण मेरे’
दास पड़ा चरणों में तेरे ,
तुम ही प्राणाधार हमारे।
…………………हे नारायण नाथ हमारे।
…………………आन पड़े हम द्वार तुम्हारे॥
श्रीकांत त्रिवेदी “प्रांजल “















