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साहित्य साधना का सम्मान : विद्या बिंदु सिंह और ओम नीरव होंगे अलंकृत

स्वधा रवीन्द्र उत्कर्षिता • 21 Oct 2026

साहित्य की सेवा में निरंतर लगे रचनाकारों को सम्मानित किए जाने की खबर मन को प्रसन्न करती है। लखनऊ के साहित्यिक जगत से ऐसी ही खबर आई है। श्री कृष्णदत्त मिश्र साहित्य संस्थान ने वर्ष 2026 का ‘श्री कृष्णदत्त मिश्र सुस्मृति सम्मान’ पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह और आचार्य ओम नीरव को देने की घोषणा की है। 

यह सम्मान 1 नवंबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में प्रदान किया जाएगा। आयोजन श्री कृष्णदत्त मिश्र ‘कृष्ण’ की 85वीं जयंती के अवसर पर होगा। दोनों साहित्यकारों को सम्मानस्वरूप 5,001 रुपये, अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंट किए जाएँगे। 

विद्या बिंदु सिंह का नाम हिंदी और अवधी साहित्य, विशेषकर लोकसाहित्य के संरक्षण से आत्मीय रूप से जुड़ा है। कहानी, कविता, उपन्यास, निबंध और लोकगीत जैसी अनेक विधाओं में उन्होंने लेखन किया है। उनके कार्य में लोकजीवन की स्मृतियों और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का विशेष स्थान है। वर्ष 2022 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। 

आचार्य ओम नीरव का रचनात्मक और शिक्षणपरक लेखन छंद, गीत तथा गीतिका की समझ विकसित करने में योगदान देता है। उनके लेख ‘फिल्मी गानों से सीखें छंद’ में परिचित गीतों की लय के माध्यम से छंदों को समझाने का प्रयास मिलता है। यह तरीका नए रचनाकारों के लिए छंदशास्त्र के प्रति रुचि जगाने वाला है। 

इन दोनों साहित्यकारों का चयन लोक की विरासत और काव्य के शिल्प—दोनों के प्रति आदर का अवसर है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को यह याद दिलाते हैं कि भाषा को समृद्ध करने के पीछे वर्षों का अध्ययन, अभ्यास और समर्पण होता है। किसी दिवंगत साहित्यकार की स्मृति को सक्रिय साहित्यिक सम्मान से जोड़ना भी उनकी विरासत को आगे ले जाने का सुंदर माध्यम है।