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सुखविन्द्र सिंह मनसीरत
★ Founder Member · SS-FM-019Certificate Shelf · प्रमाण-पत्र एवं सम्मान
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******* बेवफ़ा की याद में ****** *****”******************* बेवफ़ा की याद में फूट – फूट कर रोए, आँसुओं की धार में कूट – कूट ग़म धोए। रात भर तन्हाइयों ने चैन लेने न दिया, चाँद को ताकते रहे हम जागते ही सोए। दिल दिया था प्यार से,बदले में क्या मिला, ज़ख़्म इतने मिल गए,ख़्वाब सारे खोए। उसकी यादें आज भी सीने में चुभती हैं, हम हँसे दुनिया के आगे,पर रात भर रोए। वो गया तो साथ अपने खुशियाँ ले गया, हम यहाँ वीरानियों में भी उम्र भर के रोए। इश्क़ की राह में हमने क्या कुछ नहीं सहा, उसके सारे ज़ुल्म को प्यार समझकर धोए। अब न कोई आस है, न कोई शिकवा रहा, मनस़ीरत हम तो किस्मत के भरोसे सोए। *************************** सुखविन्द्र सिंह मनसीरत खेड़ी राओ वाली (कैथल)
******* बेवफ़ा की याद में ****** *****”******************* बेवफ़ा की याद में फूट – फूट कर रोए, आँसुओं की धार में कूट – कूट ग़म धोए। रात भर तन्हाइयों ने चैन लेने न दिया, चाँद को ताकते रहे हम जागते ही सोए। दिल दिया था प्यार से,बदले में क्या मिला, ज़ख़्म इतने मिल गए,ख़्वाब सारे खोए। उसकी यादें आज भी सीने में चुभती हैं, हम हँसे दुनिया के आगे,पर रात भर रोए। वो गया तो साथ अपने खुशियाँ ले गया, हम यहाँ वीरानियों में भी उम्र भर के रोए। इश्क़ की राह में हमने क्या कुछ नहीं सहा, उसके सारे ज़ुल्म को प्यार समझकर धोए। अब न कोई आस है, न कोई शिकवा रहा, मनस़ीरत हम तो किस्मत के भरोसे सोए। *************************** सुखविन्द्र सिंह मनसीरत खेड़ी राओ वाली (कैथल)
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प्रमाण-पत्र / सम्मान
सुखविन्द्र सिंह मनसीरत
25-09-2026
SS-FM-019
साहित्य संजीवनी
साहित्य संजीवनी — A Literary Community for Writers and Readers. संस्थापक सदस्य सम्मान-पत्र।
यह प्रमाणित किया जाता है कि सुखविन्द्र सिंह मनसीरत को साहित्य संजीवनी के प्रथम 25 सदस्यों में सम्मिलित होने पर Founder Member के रूप में सम्मानित किया जाता है।
साहित्य, सृजन और हिन्दी लेखन समुदाय को समृद्ध बनाने में आपके प्रारम्भिक सहयोग, विचारों और सक्रिय सहभागिता के लिए हम हृदय से हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। आपकी रचनात्मक यात्रा प्रेरणादायी बनी रहे।
तिथि 25-09-2026। प्रमाण-पत्र क्रमांक SS-FM-019। संस्थापक / प्रशासक साहित्य संजीवनी।
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