ग़ज़लसामान्य

करते थे

📅 October 11, 2026 ⏱ 1 मिनट ◉ 16 views 💬 1 comments

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बात जिनकी रिवर्ट करते थे

माँ पिता ही अलर्ट करते थे।

घर में सब प्यार से मिले हमसे

बाहरी लोग हर्ट करते थे।

हमको वो शख्सियत मिली जिससे

हम दुखों को रिवर्ट करते थे।

हमने उनको लिखे थे ख़त लम्बे

वो ए आई से कर्ट करते थे।

सीरियस हो गए थे प्यार में हम

साथ उनके जो फ़्लर्ट करते थे।

उनसे टूटा स्वधा का दिल जो भी

भावनाएं इवर्ट करते थे।

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