इस महीने का रचनाकार

अशोक चक्रधर
हिन्दी साहित्य का बहुआयामी स्वर
हिन्दी की वाचिक परंपरा में अशोक चक्रधर वह सर्जक हैं जिनके यहाँ हास्य केवल ठहाका नहीं, सामाजिक बोध की चमक बन जाता है। कविता, व्यंग्य, आलोचना, नाटक, पटकथा, रेडियो-टेलीविज़न और भाषा-तकनीक—इन अनेक क्षेत्रों में उनकी सक्रियता हिन्दी अभिव्यक्ति को मंच से माध्यम और माध्यम से नई तकनीक तक ले जाती है।
हँसी, विचार और भाषा की जीवंत परंपरा
8 फ़रवरी 1951 को खुर्जा, उत्तर प्रदेश में जन्मे अशोक चक्रधर हिन्दी के उन बहुआयामी रचनाकारों में हैं जिन्होंने साहित्य को केवल पुस्तक की सीमा में नहीं देखा। उनकी पहचान कवि, हास्य-व्यंग्यकार, निबंधकार, आलोचक, पटकथा-लेखक, निर्देशक और प्रभावशाली मंच-संचालक के रूप में बनी। उनके काव्य-पाठ में भाषा की सहजता, समय-बोध की तीक्ष्णता और मंचीय संवाद की ऊर्जा एक साथ दिखाई देती है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिन्दी विभाग में लगभग तीन दशकों तक अध्यापन और विभागीय नेतृत्व से जुड़े रहते हुए उन्होंने अकादमिक संसार और जन-संवाद के बीच एक सेतु का काम किया। रेडियो और टेलीविज़न के लिए लेखन, नाट्य और दृश्य-माध्यमों से उनकी दीर्घ संबद्धता ने हिन्दी साहित्य की पहुँच को नए पाठक और दर्शक समुदायों तक विस्तृत किया।
अशोक चक्रधर की रचनात्मकता का एक विशेष पक्ष यह भी है कि उन्होंने हिन्दी को आधुनिक संचार और सूचना-प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर लगातार बल दिया। उनके लिए भाषा परंपरा की विरासत भर नहीं, बदलते समय में काम करने वाली जीवित शक्ति है। यही कारण है कि उनके व्यक्तित्व में कवि की संवेदना, अध्यापक की स्पष्टता, व्यंग्यकार की सजग दृष्टि और संचारक की जीवंतता साथ-साथ दिखाई देती है।
भारत सरकार ने 2014 में उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया। यह सम्मान उस दीर्घ साहित्यिक यात्रा की सार्वजनिक स्वीकृति भी है जिसमें हास्य को हल्कापन नहीं, बल्कि समाज को देखने की बुद्धिमान विधा बनाया गया। साहित्य संजीवनी इस महीने अशोक चक्रधर जी को ऐसे रचनाकार के रूप में स्मरण करती है जिनकी भाषा पाठक को मुस्कराती भी है, सोचने को बाध्य भी करती है और हिन्दी की बदलती संभावनाओं पर विश्वास भी जगाती है।
अशोक चक्रधर की कुछ उल्लेखित कृतियाँ
कॉपीराइट का सम्मान करते हुए यहाँ पूर्ण रचना-पाठ पुनर्प्रकाशित नहीं किया गया है; केवल कृतियों के शीर्षक संदर्भ के रूप में दिए गए हैं।
नई डगर
अपाहिज कौन
ऐसे होती है शादी
मजदूरी की राह
और कितने दिन
कहानी जो आँखों से बही
जीवनी संबंधी तथ्य NewsOnAIR / आकाशवाणी, भारत सरकार के पद्म पुरस्कार अभिलेख और NDTV के प्रकाशित परिचय से सत्यापित हैं। चित्र: Shubhipayasiabhi, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0.
यह स्वतंत्र संपादकीय परिचय है; इसे अशोक चक्रधर जी की आधिकारिक प्रोफ़ाइल या समर्थन के रूप में न पढ़ें।
शब्दों से जुड़े, सृजन से निखरें।